घर की माली हालत सुधारने और परिवार को बेहतर जिंदगी देने के सपने संजोकर सात समंदर पार गए मुजफ्फरपुर के एक और कामगार की विदेश में सांसें थम गईं।
देवरिया थाना क्षेत्र के सोहांसा गांव निवासी कामेश्वर महतो के 28 वर्षीय पुत्र अरविंद कुमार की संयुक्त अरब अमीरात में काम के दौरान मौत हो गई।
गरीबी दूर करने का वादा कर निकले नौजवान का शव वतन लौटने की राह में पांच दिनों से अटका है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वेल्डर का करता था काम
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अरविंद दो वर्ष के वर्क वीजा पर 7 नवंबर 2024 को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा था। वह आबू धाबी स्थित एलएलसी ग्रुप ऑफ कंपनी में वेल्डर पद पर पूरी निष्ठा से कार्यरत था। बीते 11 अगस्त 2026 की रात कार्यस्थल पर अचानक करंट की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मुआवजे और शव पर संशय
घटना की सूचना साथ काम कर रहे साथी कामगारों के माध्यम से जब गांव पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया। कंपनी प्रबंधन द्वारा शव का पोस्टमार्टम तो कराया गया, लेकिन घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पार्थिव शरीर परिजनों को नहीं सौंपा गया है।
शोकाकुल परिजनों का आरोप है कि कंपनी न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे रही है और न ही आश्रितों के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजे की घोषणा कर रही है।
रो-रोकर बेहाल हुआ परिवार
मृतक की पत्नी खुशबू कुमारी ने रोते हुए बताया कि अरविंद ही पूरे परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे दो मासूम बच्चों और पत्नी के सामने अब जीवन-यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने अरविंद को बेहद कर्मठ और सरल स्वभाव का युवक बताते हुए सरकार व दूतावास से शव को शीघ्र पैतृक गांव मंगवाने तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।











