पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरदासपुर और पठानकोट जिलों में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। यह निर्देश प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पठानकोट में कई खनन स्थलों पर छापे मारने के कुछ दिनों बाद आया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर ने बुधवार को अमनदीप कौर द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में खनन के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल दिखाने वाली तस्वीरें भी शामिल हैं। अदालत ने कहा कि दोनों जिलों के गांवों में बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है।
गुरदासपुर और पठानकोट को खनन समृद्ध जिले माना जाता है, क्योंकि रावी और नालों सहित कई नदियां पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से बहती हैं।
गुरदासपुर और पठानकोट के उपायुक्तों और जिला खनन अधिकारियों को सभी अनधिकृत खनन को रोकने और अगली सुनवाई तक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने उन्हें प्रभावित क्षेत्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का भी निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
पीठ ने कहा, ‘हम संकेत दे सकते हैं कि यदि इस आदेश का कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो अदालत उन अधिकारी या अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे बढ़ेगी, जिन्हें यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है कि अवैध खनन नहीं हो.’
सूत्रों ने कहा कि मानसून के मौसम के दौरान, 1 जुलाई से 15 सितंबर तक खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, फिर भी रेत और अन्य सामग्रियों का अवैध उत्खनन अनियंत्रित जारी रहा।











