बकरे की कुर्बानी के लिए हथियार उठाते ही गिरे बिहार के रबजान मियां, 1 साल पहले पत्नी की मौत का भी यही था संयोग

गोपालगंज के थावे थाना क्षेत्र के मीरअलीपुर गांव में बकरीद के मौके पर दर्दनाक घटना हुई। कुर्बानी देने पहुंचे 50 वर्षीय रबजान मियां की अचानक मौत हो गई। बताया गया कि वह बकरा की कुर्बानी देने की तैयारी कर रहे थे।

जैसे ही उन्होंने हथियार उठाया, अचानक सीने में तेज दर्द उठा। कुछ ही सेकेंड में वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। त्योहार की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं।

हार्ट अटैक ने छीन ली जिंदगी

घटना के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार शुरुआती वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है।

मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव में भी घटना के बाद गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।

दूसरे गांव से कुर्बानी के लिए बुलाए गए थे रबजान

मृतक रबजान मियां बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के दिघवा दुबौली गांव के रहने वाले थे। बकरीद के मौके पर उन्हें मीरअलीपुर गांव बुलाया गया था।

स्थानीय लोगों के अनुसार वह वर्षों से कुर्बानी का काम करते थे। गुरुवार सुबह भी वह सामान्य तरीके से वहां पहुंचे थे।

किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में बड़ा हादसा हो जाएगा। कुर्बानी शुरू होने से पहले ही उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

एक साल पहले पत्नी की भी हुई थी ऐसी ही मौत

इस घटना ने लोगों को पिछले साल की दर्दनाक याद दिला दी। परिजनों के मुताबिक ठीक इसी जगह पर एक साल पहले उनकी पत्नी की भी मौत हुई थी।

बताया गया कि तब भी कुर्बानी के दौरान हार्ट अटैक आया था। लगातार दो वर्षों में पति-पत्नी की ऐसी मौत से परिवार टूट गया है।

ग्रामीण भी इस संयोग को लेकर हैरानी जता रहे हैं। इलाके में इस घटना की चर्चा पूरे दिन होती रही।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रबजान मियां की मौत के बाद स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग बार-बार पुराने हादसे को याद कर भावुक हो रहे हैं।

ग्रामीण भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। त्योहार के दिन हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।

लोग इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दिल दहला देने वाली घटना बता रहे हैं। बकरीद की खुशियों के बीच यह हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया।

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