बांकीपुर में ‘युवा फैक्टर’ से बदल सकता है चुनावी गणित, NEET विवाद के बीच विपक्ष की नई रणनीति

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक पांच दिन पहले प्रतियोगी छात्रों और युवाओं में उपजा आक्रोश चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे सकता है। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रमुख विपक्षी दलों ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है।

उनका पूरा फोकस अब उन इलाकों पर है, जहां बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र, पहली बार मतदान करने वाले युवा और शिक्षित नौकरीपेशा मतदाता रहते हैं।

बोरिंग रोड, अशोक राजपथ, कदमकुआं, सब्जीबाग, लालजी टोला, महेंद्रू, पटना विश्वविद्यालय क्षेत्र तथा प्रतियोगी छात्रों के हॉस्टलों के आसपास राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं।

विपक्ष का मानना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कम मतदान का बड़ा कारण इन वर्गों का मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचना था। ऐसे में यदि इस बार ये मतदाता बड़ी संख्या में मतदान करते हैं तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

8 से 10 प्रतिशत मतदान बढ़ाने पर विपक्ष का जोर

भाजपा के गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में सेंध लगाने के लिए महागठबंधन और अन्य विपक्षी दल युवाओं को बूथ तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य मतदान प्रतिशत में 8 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि कराना है।

विपक्षी दलों का आकलन है कि प्रतियोगी छात्रों और युवाओं के आक्रोश का असर भाजपा के परंपरागत वोट बैंक पर भी पड़ सकता है।

दूसरी ओर, जन सुराज के प्रत्याशी शुरुआत से ही शिक्षित, नौकरीपेशा, मध्यमवर्गीय और युवा मतदाताओं को केंद्र में रखकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब तक यह वर्ग एकजुट होकर मतदान नहीं करता था और इसका बड़ा हिस्सा भाजपा के पक्ष में जाता रहा है। ऐसे में यदि मतदान प्रतिशत बढ़ता है और भाजपा के वोट बैंक में थोड़ी भी कमी आती है तो चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है। यही संभावना विपक्षी दलों में नई उम्मीद जगा रही है।

आठ माह पहले 52 हजार वोट से जीते थे नितिन नबीन

पिछले विधानसभा चुनाव में बांकीपुर में कुल 3,79,402 मतदाता थे। इनमें से केवल 1,55,421 मतदाताओं यानी करीब 41 प्रतिशत ने ही मतदान किया था। भाजपा प्रत्याशी नितिन नबीन को कुल मतदाताओं के लगभग 25 प्रतिशत का समर्थन मिला और उन्होंने करीब 52 हजार मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी राजद की रेखा कुमारी को 46,363 वोट, जबकि जन सुराज की वंदना कुमारी को मात्र 1.8 प्रतिशत मत मिले थे। ऐसे में इस बार मतदान में होने वाली हर अतिरिक्त बढ़ोतरी किसी एक दल के लिए निर्णायक बढ़त और दूसरे के लिए नुकसान का कारण बन सकती है।

राजद और जन सुराज के नेताओं का दावा है कि बांकीपुर का परंपरागत भाजपा समर्थक मतदाता भी अब विकल्प तलाश रहा है। उनका कहना है कि भले ही अभी इस दावे पर विश्वास न किया जाए, लेकिन उपचुनाव का परिणाम तस्वीर स्पष्ट कर देगा।

वहीं, बदले राजनीतिक माहौल में एनडीए के भाजपा-जदयू समेत सहयोगी दल, महागठबंधन के राजद, कांग्रेस और वामदल तथा जन सुराज—तीनों मतदान प्रतिशत बढ़ने या घटने के संभावित असर का अलग-अलग आकलन कर रहे हैं।

छात्र बाहुल्य क्षेत्रों के 190 बूथों पर टिकी नजर

छात्र आंदोलनों के बाद बोरिंग रोड, कदमकुआं, लालजी टोला, सब्जीबाग, अशोक राजपथ, महेंद्रू, पटना विश्वविद्यालय क्षेत्र और प्रतियोगी छात्रों के हॉस्टलों के आसपास सभी प्रमुख दलों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।

कई स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को छात्रों के विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश लगातार जारी है। इन छात्र बाहुल्य इलाकों में बांकीपुर के कुल मतदाताओं का लगभग 45 प्रतिशत यानी 1.65 से 1.75 लाख मतदाता रहते हैं।

ये करीब 190 मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। राजनीतिक दलों का मानना है कि यदि यह वर्ग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचा तो कई बूथों का पारंपरिक मतदान पैटर्न बदल सकता है।

वहीं यदि यह असंतोष मतदान में तब्दील नहीं हुआ तो फिर वही दल बढ़त बनाए रखेगा, जिसका बूथ प्रबंधन सबसे मजबूत होगा। यही कारण है कि मतदान से पहले के अंतिम पांच दिन बांकीपुर उपचुनाव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए सबसे निर्णायक माने जा रहे हैं।

छात्र-प्रभावित क्षेत्रों में अनुमानित बूथ व मतदाता:

क्षेत्र बूथों की संख्या अनुमानित मतदाता
बोरिंग रोड–श्रीकृष्णपुरी–राजापुर 56 लगभग 50,167
कदमकुआं (टीबी कॉलेज, सेंट जोसेफ, सेंट सेवरिन, आयुर्वेदिक कालेज आदि) 58 50,780
लालजी टोला (डाकबंगला–जमाल रोड–लालजी टोला सेक्टर का हिस्सा) लगभग 16 करीब 14,000–15,000
सब्जीबाग (अशोक राजपथ–दरियापुर बेल्ट में) लगभग 24 करीब 21,000–22,000
अशोक राजपथ–महेंद्रू–बीएन कॉलेज करीब 69 लगभग 61,700
पटना विश्वविद्यालय क्षेत्र (बीएन कालेज, पटना कॉलेज, साइंस कालेज, अशोक राजपथ परिसर) करीब 45 लगभग 38,000–40,000

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *