जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 15 से 17 अगस्त के बीच मनेर में गंगा का जलस्तर 0.53 मीटर बढ़ा है। दीघा घाट और गांधी घाट पर भी पानी में वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि, अभी गंगा का जलस्तर सभी प्रमुख स्थानों पर खतरे के निशान से नीचे है। बाढ़ नियंत्रण विभाग की सोमवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार पटना शहरी सुरक्षा दीवार और अन्य तटबंध सुरक्षित हैं।
मनेर में दो दिन में 53 सेंटीमीटर बढ़ा पानी
15 अगस्त को मनेर में गंगा का जलस्तर 49.06 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 49.59 मीटर हो गया।
यहां खतरे का निशान 52 मीटर है। इस लिहाज से गंगा का पानी अभी खतरे के निशान से 2.41 मीटर नीचे बह रहा है।
दीघा घाट पर भी लगातार बढ़ रहा जलस्तर
दीघा घाट पर 15 अगस्त को गंगा का जलस्तर 47.86 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को यह बढ़कर 48.41 मीटर हो गया।
यहां खतरे का निशान 50.45 मीटर है। जलस्तर में बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है।
गांधी घाट पर खतरे के निशान से 88 सेंटीमीटर नीचे पानी
गांधी घाट पर भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। 15 अगस्त को यहां पानी 47.17 मीटर था, जो सोमवार को 47.72 मीटर पहुंच गया।
यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। इस तरह पानी खतरे के निशान से करीब 88 सेंटीमीटर नीचे है।
हाथीदह में भी बढ़ा गंगा का जलस्तर
हाथीदह में 15 अगस्त को गंगा का जलस्तर 40.44 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को यह बढ़कर 40.75 मीटर हो गया।
यहां खतरे का निशान 41.76 मीटर है। यानी पानी अभी खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे बह रहा है।
तटबंधों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर
बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट में पटना शहरी सुरक्षा दीवार के आरडी 0.0 से 10.80, आरडी 10.80 से 29.57 (सोन नदी) और आरडी 0.0 से 34.50 तक के हिस्से को सुरक्षित बताया गया है।
विभाग की ओर से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
दानापुर समेत अन्य तटबंध भी सुरक्षित
रिपोर्ट के अनुसार दानापुर वितरण तटबंध आरडी 22.00 तक सुरक्षित है। देवना नाला के दायां और बायां तटबंध तथा उसरी नाला का बायां तटबंध भी सुरक्षित बताए गए हैं। फिलहाल किसी प्रमुख तटबंध पर खतरे की स्थिति नहीं है।











