बिहार में सरकारी इंजीनियर निकला करोड़पति: आय से 103% अधिक संपत्ति, 13 मकान-प्लॉट और सोना-चांदी का खुलासा

भवन निर्माण विभाग का अधीक्षण अभियंता सह निदेशक (निरूपण इकाई) पवन कुमार अकूत संपत्ति का मालिक है। इंजीनियर के पास 13 भूखंड, प्लॉट और मकान के अलावा, करीब 39 नाख रुपये के आभूषण, पीपीएफ निवेश में लगभग 90 लाख रुपये के साक्ष्य मिले हैं।

इस अकूत संपत्ति का खुलासा पवन कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापामारी में हुआ है।

ईओयू ने बुधवार को भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर पवन कुमार के खिलाफ आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा करने के बाद इनके पटना, भागलपुर, नोएडा और दिल्ली में छह ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था।

कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, लाखों रुपये के आभूषण, नकदी, बैंक जमा और निवेश के साक्ष्य मिले हैं।

जांच एजेंसी का मानना है कि तलाशी पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। पवन कुमार जुलाई 1997 में सहायक अभियंता के रूप में सरकारी सेवा में आए थे।

सेवाकाल में कुल 13 भूखंड, प्लॉट और मकान खरीदे

ईओयू को अपनी कार्रवाई के दौरान यह जानकारी मिली कि इन्होंने अपने सेवाकाल में कुल 13 भूखंड, प्लॉट और मकान खरीदे हैं। पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट में उनके फ्लैट से बड़ी संख्या में संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद हुए।

वर्ष 2007 में उन्होंने अपनी पत्नी आवेदिका सिंह के साथ संयुक्त नाम से यह फ्लैट खरीदा था। इसके अलावा वर्ष 2008 में आशियाना नगर, पटना में दो मंजिला मकान भी खरीदा गया।

जांच एजेंसी को वर्ष 2021 से 2023 के बीच पत्नी और पुत्रों के नाम पर खरीदी गई करीब 134.88 डिसमिल (लगभग दो बीघा चार कट्ठा) व्यावसायिक भूमि के दस्तावेज भी मिले हैं। इस भूमि की चारदीवारी कराई जा चुकी है और अब इसके वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन कराया जाएगा।

पांच लाख से अधिक व 39 लाख के गहने बरामद हुए

पटना स्थित आवास की तलाशी में 5.15 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। साथ ही बड़ी मात्रा में आभूषण खरीद से संबंधित बिल और दस्तावेज मिले। बरामद गहनों का मूल्यांकन कराया गया, जिसकी कीमत करीब 39 लाख रुपये आंकी गई है।

ईओयू को पवन कुमार और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में 18 खाते तथा पीपीएफ निवेश में लगभग 90 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा एलआईसी की छह, बजाज एलियांज की चार, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की एक और मैक्स लाइफ की तीन बीमा पालिसियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इन पॉलिसियों पर हर साल लगभग तीन लाख रुपये प्रीमियम जमा किया जाता है।

नोएडा सेक्टर-75 स्थित मैक्स ब्लिस सोसाइटी में भी फ्लैट

जांच में नोएडा सेक्टर-75 स्थित मैक्स ब्लिस सोसाइटी में फ्लैट तथा ग्रेटर नोएडा की अरिहंत आर्डेन सोसाइटी में खरीदे गए एक अन्य फ्लैट के दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी को एक होंडा सिटी कार, बच्चों की शिक्षा पर बड़े खर्च तथा परिजनों की विदेश यात्राओं के प्रमाण भी मिले हैं।

नोएडा और आसपास अन्य संपत्तियों की सूचना पर भी सत्यापन जारी है। ईओयू अधिकारियों के अनुसार तलाशी और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।

प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्य बताते हैं कि आय से अधिक संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है। मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को भी भेजी जा रही है ताकि विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।

जो संपत्ति और निवेश मिले

  • 13 भूखंड, प्लॉट और मकान से जुड़े दस्तावेज
  • पटना के श्रीकृष्णापुरी में फ्लैट
  • आशियाना नगर में दो मंजिला मकान
  • 134.88 डिसमिल व्यावसायिक भूमि
  • नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट
  • 5.15 लाख रुपये नकद
  • लगभग 39 लाख रुपये के आभूषण
  • बैंक और पीपीएफ खातों में करीब 90 लाख रुपये जमा
  • 14 बीमा पालिसियां
  • होंडा सिटी कार
  • विदेश यात्रा और शिक्षा पर बड़े खर्च के साक्ष्य

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