बिहार में मधुबनी के हुर्राही गांव की 13 वर्षीय राखी कुमारी ने मौत को बेहद करीब से देखकर भी हार नहीं मानी। एक जहरीले सांप ने उसे एक-दो नहीं, सात बार डसा, लेकिन उसकी हिम्मत, परिजनों की तत्परता और समय पर मिले इलाज ने उसे नई जिंदगी दे दी। फिलहाल वह खतरे से बाहर है और तेजी से स्वस्थ हो रही है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आम की बगिया में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार हुर्राही गांव निवासी लक्ष्मेश्वर की पुत्री राखी कुमारी आम की गाछी में बैठी हुई थी। इसी दौरान अचानक एक सांप उसके पास पहुंच गया और पैर में काट लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, सांप ने लगातार कई बार हमला कर दिया।
पैर में मिले सात सर्पदंश के निशान
परिजनों के अनुसार राखी के पैर में सात जगह सर्पदंश के निशान पाए गए हैं। सांप के बार-बार काटने से उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और उसे तत्काल इलाज के लिए ले जाने की तैयारी शुरू हुई।
समय पर मिला इलाज
परिजन पहले उसे इलाज के लिए जनकपुर ले जाने की सोच रहे थे, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण स्थानीय लोगों की सलाह पर फुलहर पेट्रोल पंप के निकट स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।
मौत को मात देने वाली बहादुर बच्ची
राखी की हालत को देखकर परिजनों को उम्मीद कम थी। उनका कहना है कि सात बार सांप के डसने के बाद बच पाना बेहद मुश्किल माना जाता है। इसके बावजूद बच्ची ने साहस नहीं खोया और उपचार के दौरान लगातार संघर्ष करती रही।
अब खतरे से बाहर
इलाज कर रहे चिकित्सक ने बताया कि समय पर उपचार मिलने से किशोरी की जान बच गई। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विषैले सर्पदंश के मामलों में त्वरित चिकित्सा ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है।











