मुजफ्फरपुर में दादर पुल के पिलर कमजोर, अब नई तकनीक से मिलेगी नई जिंदगी

मुजफ्फरपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले दादर पुल की सेहत अब चिंता का विषय बन गई है। तकनीकी जांच में इसके कई पिलर कमजोर और क्षतिग्रस्त पाए गए हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि पुल को बंद करने के बजाय अत्याधुनिक ईपाक्सी और कार्बन फाइबर तकनीक से नई मजबूती देने की तैयारी शुरू हो गई है। दावा है कि इस मरम्मत के बाद पुल की उम्र 15 से 20 साल तक बढ़ सकती है।

बता दें कि दादर पुल के पिलर की मजबूती का शुक्रवार को पुल निर्माण निगम की तकनीकी टीम ने आकलन किया। इस दौरान देखा गया कि पिलर कहां-कहां से कमजोर और क्षतिग्रस्त हो रहा है।

कई जगहों पर पिलर का प्लास्टर उखड़ा हुआ मिला। पुल निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिलर कमजोर हुआ है। इसकी मरम्मत की आवश्यकता है। ईपाक्सी तकनीक के जरिए पिलर को मजबूत किया जाएगा।

इस तकनीक में क्षतिग्रस्त हिस्सों को इंजेक्ट कर उसकी दरारें भरी जाती हैं। इससे इसकी मजबूती 15-20 साल बढ़ जाती है। सरिया में भी जंग नहीं लगता है और नया जितना मजबूत हो जाता है। इसके अलावा पुल की मरम्मत कार्बन फाइबर तकनीक से की जाएगी।

यह एक प्रकार की परत होती है, जो पुल की लाइफ को बढ़ाने और मजबूत करने का काम करेगी। दादर पुल के ग्राउंड लेबल की मरम्मत की बात कही गई है। तकनीकी टीम ने ग्राउंड लेबल का भी जायजा लिया।

यह भी कमजोर पाया गया। इसकी भी मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि अभी तक भारी वाहनों का परिचालन बंद नहीं किया गया। पुल के दोनों छोर पर लोहे का खंभा लगाकर छोड़ दिया गया है।

इसके ऊपर लोहे का पाइप नहीं लगाई गई है। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार जांच पूर्ण होने के बाद एक से दो दिनों के अंदर बैरिकेडिंग कर भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया जाएगा।

माड़ीपुर आरओबी का भी लिया जायजा

तकनीकी टीम ने माड़ीपुर आरओबी का भी जायजा लिया। इसका पिलर ईंट पर बना हुआ है। यह कई जगहों पर अधिक क्षतिग्रस्त हो चुका है। हालांकि इस आरओबी से भारी वाहनों का परिचालन बहुत कम होता है। लेकिन इसपर भी बैरिकेडिंग का काम किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *