बिहार में मुजफ्फरपुर के जर्जर दादर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया बैरिकेड 24 घंटे भी नहीं टिक सका। बुधवार शाम सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए इस अवरोधक को देर रात एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारकर तोड़ दिया और चालक मौके से फरार हो गया।
घटना ने पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी किस तरह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। बता दें कि बूढ़ी गंडक नदी पर स्थित दादर पुल पर लगाए गए बैरिकेडिंग तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया।
इस टक्कर के कारण उक्त वाहन के आगे वाले शीशा भी चकनाचूर हो गया। टक्कर मारने के बाद वाहन लेकर चालक भाग निकला। गुरुवार को पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार को इसकी जानकारी मिली।
उन्होंने टीम को मौके पर भेजा। क्रेन की मदद से बैरिकेडिंग की मरम्मत कराई गई। क्षतिग्रस्त हिस्से को बेल्डिंग कर जोड़ा गया। इसके बाद भारी वाहनों का आवागमन बंद हुआ। विदित हो कि जर्जर हो चुके दादर पुल की मरम्मत का काम किया जाना है।
आइआइटी पटना की जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने इस पुल से भारी वाहनों के परिचालन रोकने का आदेश जारी किया था। इसी के बाद बैरिकेडिंग लगाई गई थी। करीब छह माह तक मरम्मत का काम चलेगा। तब तक भारी वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
इस अवधि में वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत चांदनी चौक की ओर से आने वाले वाहन नीचे से जायेंगे और बखरी से आने वाले वाहन फोरलेन होकर जाएंगे। स्थानीय लोगों ने कहा कि निम्न स्तरीय गुणवत्ता वाले लोहे का प्रयोग किया गया था। इसी कारण से यह टूट गया।
माड़ीपुर आरओबी पर लगाया गया लोहे का खंभा
पुल निर्माण निगम ने गुरुवार को माड़ीपुर आरओबी से भी भारी वाहनों का परिचालन रोकने को लेकर दोनों छोर पर लोहे का खंभा लगा दिया है।
एक से दो दिनों में उसके ऊपर लोहे की पाइप और यातायात अवरुद्ध करने संबंधित बोर्ड भी लगा दिया जाएगा। इसके बाद इस पुल से भी भारी वाहनों का परिचालन मरम्मत होने तक बंद रहेगा। दोनों पुलों का मरम्मत करीब साढ़े नौ करोड़ रुपए से किया जाएगा।











