भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार के बिहार से राष्ट्रीय निर्वाचन साक्षरता क्लब-2.0 (ईएलसी) अभियान लॉन्च किया। पांच सौ से अधिक स्कूल, कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के बीच ज्ञान भवन सभागार में आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने युवाओं को जागरूक करने के लिए ईएलसी प्रतीक चिह्न का विमोचन किया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और उनकी जिज्ञासा को शांत करने की पहल भी की। विद्यार्थी ने सीईसी से मोबाइल वोटिंग एवं वन नेशन-वन इलेक्शन जैसी कई सुविधाएं सुलभ कराने की मांग की तो सीईसी ने भी विद्यार्थियों से बेबाकी से उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
उन्होंने संविधान एवं कानून में प्रविधान नहीं होने के कारण तत्काल यह सुविधा सुलभ कराने में असमर्थता जताई। साथ ही ईसीआइनेट आदि आयोग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूक किया।
सीईसी ने कहा कि निर्वाचन की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता काफी महत्वपूर्ण है। ईएलसी सिर्फ निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी सही एवं प्रमाणिक जानकारियां हितधारकों के साथ साझा करेगा बल्कि भ्रम एवं गलत सूचनाओं से बचाव का कार्य भी करेगा।
साथ ही यह युवाओं को निर्वाचन जागरुकता के एक सशक्त दूत के रूप में परिणत कर अपने समुदाय में निर्वाचन साक्षरता के प्रसार करने के लिए सक्षम बनाएगा। संवादात्मक चर्चाओं और प्रदर्शनों के माध्यम से यह सम्मेलन शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से एक सुविज्ञ, समावेशी और प्रौद्योगिकी-सक्षम निर्वाचन लोकतंत्र के निर्माण का प्रयास करेगा।
दिसंबर तक 30 करोड़ लोगों के मोबाइल में होगा ईसीआइनेट
सीईसी ने बताया कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है, जिसमें लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं। यह संख्या कई विकसित देशों के संयुक्त जोड़ से भी अधिक है। लोकसभा के आम निर्वाचन में लगभग 1 करोड़ 80 लाख कर्मी लगाए जाते हैं, जो विश्व की सबसे बड़ी संख्या है।
उन्होंने बताया कि अभी तक 11 करोड़ लोगों द्वारा ईसीआइनेट डाउनलोड किया गया है, जिसे वर्तमान कैलेंडर वर्ष में 30 करोड़ तक करने का लक्ष्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोग का हर कार्य भारत के संविधान, चुनाव संबंधी कानूनों और समय-समय पर जारी लिखित अनुदेशों पर पूरी पारदर्षिता के साथ किया जाता है।
सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों के बारे में सजग करते हुए सीईसी ने कहा कि गलत जानकारी का प्रसार रोकने के लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि हाल में सम्पन्न विधान सभा चुनाव में मतदाताओं की अब तक की सबसे अधिक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय मतदाताओं को देश की चुनावी व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बिहार के लिए यह गौरव की बात है कि सीईसी ने ईएलसी-2.0 के लिए बिहार का चयन किया है। विश्वास दिलाया कि बिहार इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करेगा।
उन्होंने बताया कि बिहार की जनसंख्या में 58 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम आयु वाले युवा वर्ग की है। यह आवष्यक है कि युवा वर्ग मतदान के अधिकार की महत्ता को समझे एवं प्रजातंत्र में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन करें।
नालंदा में पांच सौ बीएलओ से किया संवाद
सीईसी ने नालंदा में पांच सौ बीएलओ से संवाद दौरान उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभवों, समस्याओं एवं सुझावों को भी सुना और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्षी एवं सहभागी बनाने के लिए उनके विचारों को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने बीएलओ को निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी जिम्मेदारियों के साथ-साथ मतदाताओं से बेहतर संवाद, मतदाता सूची की शुद्धता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।











