यमुनानगर में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले में धान की शीघ्र रोपाई कर भूजल संरक्षण नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को नाहरपुर गांव में निरीक्षण किया और पाया कि कई किसानों ने अनुमत तिथि से पहले धान की रोपाई कर ली थी।
अनुमंडलीय कृषि अधिकारी जगाधरी डॉ. अजय नरवाल ने खंड कृषि अधिकारी डॉ. संतोष कुमार के साथ गांव में कृषि क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पांच किसानों ने निर्धारित समय से पहले ही लगभग 13 एकड़ भूमि पर धान की रोपाई की।
भूजल संरक्षण अधिनियम, 2009 के अनुसार, हरियाणा में 15 मई से पहले धान नर्सरी की बुवाई और 15 जून से पहले धान की रोपाई प्रतिबंधित है। यह नियम तेजी से घटते भूजल संसाधनों के संरक्षण के लिए लागू किया गया है।
यमुनानगर के कृषि उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
डबास ने कहा, “संबंधित किसानों को नियमों के बारे में सूचित किया गया है और अवैध रूप से रोपाई की गई धान की फसल को अपने दम पर नष्ट करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसान नोटिस का पालन करने में विफल रहेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डबास ने किसानों से अपील की कि वे राज्य में भूजल संरक्षण के प्रयासों का समर्थन करने के लिए 15 जून से पहले धान की रोपाई न करें।











