राज्य के “टेंडर किंग” कहे जाने वाले रिशु श्री का तार सीतामढ़ी से भी जुड़ गया है। रिशु श्री के जाल में यहां की तत्कालीन जिलाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ही नहीं बल्कि सीतामढ़ी नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी भी फंसे हुए थे। अभिलाषा कुमारी शर्मा इस मामले में निलंबित हो चुकी है।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में मुमुक्षु चौधरी द्वारा दिए गए बयान से एक बार फिर सीतामढ़ी जिला सुर्खियों में है। इनके बयान के बाद आला अधिकारियों की नजर 2019 से 2022 तक जिले और शहर में विभिन्न योजनाओं से कराए गए कार्यों पर टिक गई है।
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम से तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी के कार्यकाल 2019 से 2022 तक विभिन्न योजनाओं में कराए गए कार्य एवं खरीद की गई सामग्रियों से संंबंधित अभिलेख तलब किया है।
बताया जाता है कि बिहार प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुमुक्षु चौधरी जिले में नगर आयुक्त के अलावा कई विभागों का प्रभार में रहे। मुमुक्षु चौधरी वर्ष 2012 में रिशुश्री के संपर्क में आए। उस समय यहां की जिलाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा थीं। उस समय जिलाधिकारी के चहेते अफसरों में मुमुक्षु चौधरी का नाम सबसे आगे रहता था।











