वैशाली में भीषण गर्मी का कहर, ऑरेंज अलर्ट जारी; 31 मई तक स्कूल आंगनबाड़ी केंद्र बंद

पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरसती आग और गर्म हवा के थपेड़ों से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी के तेवर ऐसे ही कड़े रहेंगे और फिलहाल इस भीषण तपिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने जिले में 25 और 26 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं, बच्चों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा आठ तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 31 मई तक रोक लगा दी है।

लगातार बढ़ती गर्मी व हीटवेव के खतरे को देखते 25 से 31 मई तक सभी प्री स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

तन को झुलसा देने वाली तीखी धूप और गर्म हवा के झोंकों की वजह से दोपहर होते ही बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही पूरी तरह से चेहरा ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं।

प्रचंड गर्मी का आलम यह है कि इंसानों के साथ-साथ मवेशी और पशु-पक्षी भी पानी और छांव के लिए बेहाल नजर आ रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों में थोड़ी-बहुत चहल-पहल देखने को मिल रही है।

कारोबार मंदा, दिहाड़ी मजदूरों और ठेला चालकों पर दोहरी मार

इस जानलेवा मौसम का सीधा असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। दोपहर के वक्त ग्राहकों के न पहुंचने से ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खाली नजर आ रहे हैं।

आम दिनों की तुलना में खरीदारी का ग्राफ काफी नीचे गिर गया है। सबसे बुरा हाल रोज कमाकर रोज खाने वाले गरीब तबके का है। इस प्रचंड गर्मी की वजह से दैनिक मजदूर को काम न के बराबर मिल रहा है।

रिक्शा व ठेला चालकों को इस तपती दोपहरी में सवारियां न के बराबर। वहीं, तेज धूप व खुले में दुकान लगाने वाले फुटपाथी दुकानदार के व्यवसाय पर भी प्रचंड गर्मी का बुरा असर पड़ रहा है।

गर्म हवा व हीट वेव से बचाव के लिए अपनाएं सावधानी

  • घर से बाहर निकलते समय छतरी, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें।
  • हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ (जैसे नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी) पिएं।धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।
  • दोपहर 12 से 3 बजे के बीच, जब गर्मी सबसे अधिक होती है, तब बाहर जाने से बचें।
  • ताजे फलों का रस पियें।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
  • ज्यादा मसालेदार भोजन ना करें।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और डिहाइड्रेशन से बचें।
  • खुले में कार्य करने वालों के लिए छायादार स्थानों की व्यवस्था करें।
  • लू के लक्षण (चक्कर, सिरदर्द, कमजोरी) होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
  • निःशुल्क एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 102 डायल करें।

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