बेटियों का गोल्डन पंच

राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा की बेटियों के दमदार स्वर्णिम प्रदर्शन की बदौलत शनिवार को भारत ने सात स्वर्ण समेत 16 पदक अपने नाम किये। इनमें सात पदक हरियाणा के खिलाड़ियों के हैं। मुक्केबाजी में भिवानी की जैसमिन लंबोरिया, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस ने अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। चारों ने मुकाबलों को एकतरफा बनाते हुए प्रतिद्वंद्वियों को 5-0 से हराया। वहीं, अरुंधति चौधरी ने मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत के लिए पांचवां स्वर्ण पदक जीता। बॉक्िसंग में हरियाणा के सचिन सिवाच ने भी गोल्ड मेडल दिलाया। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इससे पहले, भाला फेंक स्पर्धा में हरियाणा के बेटों- नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज ने दूसरे प्रयास में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.83 मीटर थ्रो किया। वहीं, राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार उतरे यशवीर ने छठे और आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर थ्रो फेंककर सभी को चौंका दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर था। मुक्केबाजी में पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह ने रजत पदक हासिल किया। वहीं, उन्नति शर्मा ने महिलाओं की 63 किलो जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।भिवानी के गांव बड़ेसरा निवासी एवं सेना की नायब सूबेदार प्रीति पंवार की जीत पर उनके परिवार में जश्न का माहौल रहा। प्रीति ने 2017 से 14 साल की उम्र में मुक्केबाजी शुरू की थी। उनके दादा एवं परदादा पहलवान रहे, जबकि पिता सोमबीर सिंह कबड्डी के खिलाड़ी हैं और उनकी मां सलीन देवी गृहिणी हैं। उनके चाचा विनोद मुक्केबाजी के कोच हैं, जिनकी देखरेख में वह मुक्केबाजी सीखती रही हैं।

वहीं, जैसमिन लंबोरिया की उपलब्धि पर भिवानी में उनके परिजनों व अन्य खेल प्रेमियों में मिठाई बांटकर खुशी जताई। जैसमिन ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में कांस्य पदक जीता था और इस बार उसे स्वर्ण पदक में बदल दिया। जैसमिन की उपलब्धि पर उनकी मां जोगेंद्र कौर, पिता जयवीर ने कहा कि जब बेटी घर आएगी तो चूरमा खिलाकर उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जैसमिन ओलंपिक में भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतेगी।

हरियाणा की खेल नीति का दिख रहा असर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने हमेशा देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल नीति, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि वह लगातार विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

ट्रिपल जंप में डबल मेडल

ट्रिपल जंप में भारत के प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु तिरुमरन ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। चित्रावेल ने 16.58 मीटर और सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर का जंप लगाया।

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