क्रिकेट की पिच पर जब बेखौफ अंदाज और शानदार खेल का तालमेल हो, तो विरोधी टीमें भी घुटने टेकने पर मजबूर हो जाती हैं। दलीप ट्राफी के मौजूदा सीजन में पूर्वी क्षेत्र 14 वर्षों बाद खिताबी मुकाबले में पहुंच गया है। इसकी असल पटकथा बिहार की माटी के चार क्रिकेटरों ने लिखी।
पटना के इशान किशन, समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी एवं अनुकूल राय और गोपालगंज के मुकेश कुमार ने बल्ले और गेंद से दो मुकाबलों में ऐसा दबदबा कायम किया कि दिग्गज टीमें भी पस्त हुईं।
अब फाइनल में छह सितंबर को तिलक वर्मा की अगुआई वाली दक्षिण क्षेत्र की टीम से पूर्वी क्षेत्र ट्राफी के लिए भिड़ेगा।
15 वर्ष के वैभव ने तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड
प्रतियोगिता में प्रदेश के क्रिकेटरों के बेहतर प्रदर्शन की कहानी की शुरुआत होती है समस्तीपुर के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से। दलीप ट्राफी जैसे बड़े मंच पर जहां अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, वहां युवा बल्लेबाज ने अपने नाम का एक बार फिर डंका बजाया।
नार्थ जोन के खिलाफ पहले मैच की पहली पारी में जब वैभव महज आठ रन पर पवेलियन लौट गए, तो उन्होंने हार नहीं मानी। गेंद थामी और मात्र 11 रन देकर दो बेशकीमती विकेट निकाल लिए।
उनका असली खेल सेंट्रल जोन के खिलाफ दूसरे मैच में दिखा। पहली पारी में उन्होंने 92 रनों की ऐसी आतिशी पारी खेली कि रिकार्ड बुक के पन्ने पलट गए।
महज 15 वर्ष 157 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर वैभव ने साल 1969 में पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मण सिंह (16 वर्ष 23 दिन) द्वारा बनाए गए 57 साल पुराने रिकार्ड को चकनाचूर कर दिया।
दूसरी पारी में भी 40 रनों का अहम योगदान देकर वैभव ने बता दिया कि वह गेंद-बल्ले वाले खेल के हर प्रारूप की जरूरत हैं।
कप्तान का कूल मिजाज और संकटमोचक पारी
एक सफल कप्तान वही होता है, जो मोर्चे से अगुआई करे। नार्थ जोन के खिलाफ पहले मैच में पटना निवासी इशान किशन का बल्ला खामोश (4) जरूर रहा, लेकिन विकेट के पीछे उन्होंने चीते जैसी फुर्ती दिखाई।
चार कैच और दो शानदार स्टंपिंग कर उन्होंने विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। असली परीक्षा दूसरे मैच में सेंट्रल जोन के खिलाफ थी।
पहली पारी में 16 रन बनाने वाले इशान के सामने दूसरी पारी में एक बड़ा संकट था। विकेट लगातार गिर रहे थे और टीम दबाव में थी। ऐसे में कप्तान ने एक छोर संभाला और 39 रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी टीम की नैया पार लगा दी।
गोपालगंज एक्सप्रेस की गेंदों ने बरपाया कहर
कहानी में रोमांच तब चरम पर पहुंचता है जब गेंद गोपालगंज के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार के हाथों में आती है। मुकेश का काम था विरोधी खेमे में खौफ पैदा करना और उन्होंने यह बखूबी किया।
पहले मैच में दोनों पारियों में एक-एक विकेट लेने वाले मुकेश ने सेंट्रल जोन के खिलाफ ऐसा कहर बरपाया कि बल्लेबाज क्रीज पर टिकने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर, कुल सात विकेट के साथ मुकेश ने अकेले दम पर विपक्षियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
हरफनमौला अनुकूल का अचूक वार
किसी भी मुकाबले को जीतने के लिए ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होती है जो हर फन में माहिर हो। यह भूमिका निभाई समस्तीपुर के अनुकूल राय ने।
नार्थ जोन के खिलाफ जब बल्ले से रन चाहिए थे, तो उन्होंने 37 रन बनाए। जब गेंदबाजी की बारी आई, तो दूसरी पारी में अपनी जादुई फिरकी का ”पंजा” खोलते हुए मात्र 37 रन देकर पांच विकेट झटक लिए।
सेंट्रल जोन के खिलाफ भी इस हरफनमौला खिलाड़ी ने 16 रन बनाए और एक विकेट चटकाकर टीम की जीत की नींव पक्की की।











