गांवों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकारी योजनाओं के तहत लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उनका लाभ लोगों तक कितना पहुंच रहा है, इसकी तस्वीर पंचायतों में दिख रही है।
सोनवर्षा राज प्रखंड की महुआ उत्तरवारी पंचायत के वार्ड संख्या 11 में 15वीं वित्त योजना से करीब एक वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बना छठ घाट बदहाल है। देखरेख और सफाई के अभाव में घाट पर जलकुंभी और गंदगी जमा है। सरकारी राशि से बना यह घाट स्थानीय लोगों के उपयोग में आने के बजाय उपेक्षित पड़ा है।
स्थानीय लोगों और छठव्रतियों की चिंता बढ़ी
लोक आस्था का महापर्व छठ नजदीक है। क्षेत्र में पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं और व्रती घाटों की सफाई तथा पूजा की व्यवस्था में जुटे हैं। ऐसे में घाट की हालत ने स्थानीय लोगों और छठव्रतियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य से घाट का निर्माण कराया गया था, वह पूरा नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घाट पर लंबे समय से जलकुंभी जमी है और आसपास कचरे का ढेर लगा है। पानी भी छठ पूजा के अनुकूल नहीं है।
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी
समय रहते सफाई और पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो व्रतियों को पूजा-अर्चना और भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ सकता है। इससे पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी होगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि घाट की स्थिति से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद सफाई के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई है। प्रखंड की अन्य पंचायतों के कई छठ घाटों पर भी गंदगी और कचरा जमा होने की शिकायतें हैं। महापर्व में कम समय बचा है, लेकिन घाटों की सफाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी नजर नहीं आ रही।
घाट की तत्काल सफाई कराने की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन से घाट की तत्काल सफाई कराने, जलकुंभी हटाने तथा पानी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि व्रती यहीं सुरक्षित और सुविधाजनक ढंग से पूजा कर सकें।
प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित आनंद ने कहा कि घाट वाले स्थान के स्थानीय जनप्रतिनिधि को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस विषय पर बात करेंगे।











