एनडीए की मजबूती के लिए भी जरूरी
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने खुलकर विधान परिषद की एक सीट पर दावा ठोक दिया।उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के पास वर्तमान में पांच विधायक और एक विधान पार्षद हैं।
पार्टी का प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार में भी है, ऐसे में एनडीए को विधान परिषद में पार्टी को एक और सीट देनी चाहिए। मांझी ने तर्क दिया कि इससे न सिर्फ उनकी पार्टी मजबूत होगी, बल्कि एनडीए के प्रति कार्यकर्ताओं का आकर्षण और भरोसा भी बढ़ेगा।
जीतन राम मांझी ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को लेकर एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व से भी चर्चा करेंगे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो विधान परिषद चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच दबाव की राजनीति तेज हो गई है।
राज्यसभा चुनाव में पूरी नहीं हुई थी हसरत
यह पहला मौका नहीं है जब मांझी ने राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सार्वजनिक रूप से मांग रखी हो। इससे पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के लिए एक सीट की मांग की थी। हालांकि उस समय उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी थी।
अब विधान परिषद चुनाव के बहाने उन्होंने एक बार फिर अपनी दावेदारी को सामने रखा है। ऐसे में निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि एनडीए नेतृत्व इस बार मांझी की मांग को कितना महत्व देता है।
बिहार में आगामी चुनावी समीकरणों और सहयोगी दलों के संतुलन को देखते हुए यह मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।











