हाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब गाजियाबाद में साफ दिखने लगा है. हिंडन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे इलाकों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. पर्यटन स्थल सिटी फॉरेस्ट में पानी भरने के बाद उसे पर्यटकों के लिए एहतियातन बंद कर दिया गया है. वहीं करहेड़ा, न्यू करहेड़ा, शिवम एन्क्लेव, कृष्णा कॉलोनी, उधम सिंह कॉलोनी और नूरनगर श्मशान घाट के आसपास बसे 300 से अधिक मकानों में पानी घुस गया है. ऐसे में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं.

खतरे के निशान से बहुत नीचे जलस्तर फिर भी बस्तियां जलमग्न
प्रशासनिक आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. हिंडन नदी में खतरे का स्तर 205 मीटर माना जाता है. जबकि वर्तमान में जलस्तर करीब 201.8 मीटर ही पहुंचा है. इसके बावजूद पानी आबादी वाले इलाकों में बुरी तरह प्रवेश कर चुका है.

2023 जैसे हालात की आशंका
साल 2023 में भी जब जलस्तर 202 मीटर के आसपास पहुंचा था, तब करहेड़ा समेत आसपास के इलाके बुरी तरह डूब गए थे. स्थानीय निवासियों को डर है कि यदि ऊपरी इलाकों से और पानी छोड़ा गया या बारिश जारी रही तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं.











