अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रवक्ता कुलदीप राठौड़ ने जनरल जेड के खिलाफ कंगना रनौत के नाराजगी को शर्मनाक बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को चुनौती दी कि वह स्पष्ट करे कि क्या वह उनके विचारों से सहमत है। राठौड़ ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अगर ऐसा नहीं होता है तो उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद कंगना संसद के भीतर और बाहर अपनी अभद्र टिप्पणियों से हिमाचल प्रदेश को बदनाम कर रही हैं। राठौड़ ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों, खासकर युवा लड़कियों के बारे में उन्होंने जिन अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, उन्होंने देश की हर बेटी और बहन की गरिमा और स्वाभिमान को गहरा ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा, ‘इस तरह की भाषा एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि, विशेष रूप से एक महिला सांसद को अस्वीकार्य है।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए राठौड़ ने मांग की कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पार्टी कंगना रनौत के विचारों से सहमत है। राठौड़ ने कहा, ‘अगर ये पार्टी के विचार नहीं हैं तो उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?’ उन्होंने आगे कहा कि अगर भाजपा नेतृत्व अपना रुख स्पष्ट करने में विफल रहता है, तो लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे कि युवा महिलाओं और छात्रों के प्रति यह अपमानजनक भाषा भाजपा की वास्तविक मानसिकता को दर्शाती है।
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के बाद से ही केंद्र सरकार दबाव में थी। उन्होंने कहा कि जो नेता कभी अहंकार से दावा करते थे कि “इस सरकार में इस्तीफा नहीं होता” वे अब छात्रों और युवाओं के सामने झुकने के लिए मजबूर हैं।











