बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब रक्त के लिए बड़े अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत राज्य के 276 प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इसमें गयाजी में सर्वाधिक 17, मधुबनी व सिवान में 14-14, पश्चिम चंपारण व रोहतास में 12-12, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी व सारण में 11-11, मुजफ्फरपुर में 10, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, नालंदा व भोजपुर में नौ-नौ, सहरसा, बक्सर, नवादा व मधेपुरा में आठ-आठ।
पटना, वैशाली, सुपौल व गोपालगंज में सात-सात, किशनगंज व जमुई में छह, कटिहार में सात, बेगूसराय व बांका में पांच-पांच, कैमूर व मुंगेर में चार-चार, पूर्णिया, शेखपुरा, अररिया, जहानाबाद, शेखपुरा व अरवल में तीन-तीन, शिवहर, खगड़िया व औरंगाबाद में दो-दो, लखीसराय में एक केंद्र खोले जाने हैं।
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय की ओर से पत्र जारी किया गया है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने और सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से यह पहल की है।
केंद्रों के शुरू होने के उपरांत मरीजों का रक्त नमूना स्थानीय स्तर पर ही लिया जाएगा। साथ ही, जरूरत के अनुसार संबंधित रक्त बैंक से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल जिलों में रक्त उपलब्ध कराने के लिए सीमित व्यवस्था है। समस्तीपुर में सदर अस्पताल, रेडक्रास सोसाइटी तथा एक निजी रक्त केंद्र सहित कुल तीन रक्त बैंक संचालित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को रक्त की आवश्यकता होने पर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नये केंद्र शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी हो सकेगी।
- राज्य के 276 प्रखंडों के सीएचसी में स्थापित होंगे रक्त संग्रह केंद्र
- मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत गयाजी में सर्वाधिक 17 व मधुबनी-सिवान में 14-14 केंद्र होंगे स्थापित
- ग्रामीण मरीजों को नहीं लगाना पड़ेगा सदर अस्पताल का चक्कर, प्रखंड क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगा रक्त











