खगड़िया के चौथम प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय, भूतौली में मध्याह्न भोजन में कीड़ा मिलने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को सामने आई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर प्राथमिक जांच कराई गई, जिसमें लापरवाही की शिकायत सही पाई गई।
जांच के आधार पर विद्यालय की हेडमास्टर संजुला कुमारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
इसके साथ ही विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली चारों रसोइया सह सहायिकाओं की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
चारों रसोइयों की सेवा खत्म, नए चयन का निर्देश
कार्रवाई की जद में सुलेखा देवी, मनोरमा देवी, अनिला देवी और नीलम देवी भी आई हैं। विभाग ने चारों रसोइया सह सहायिकाओं को चयनमुक्त करते हुए विद्यालय में नए रसोइयों के चयन का निर्देश दिया है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की साफ-सफाई और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तय करने के लिए विभाग ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है।
बीआरपी के मानदेय में 25 फीसदी कटौती
मामले में सिर्फ स्कूल स्तर पर ही कार्रवाई नहीं हुई है। प्रखंड साधनसेवी (बीआरपी) वचनदेव कुमार के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई की है। उनके मानदेय में 25 फीसदी की कटौती करने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही बीआरपी को जिला मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई को निगरानी व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने के तौर पर देखा जा रहा है।
एमडीएम डीपीओ के खिलाफ भी आरोप पत्र का आदेश
मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी में लापरवाही को लेकर विभाग ने एमडीएम के डीपीओ के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने का आदेश जारी किया गया है।
प्रारंभिक जांच में लापरवाही की शिकायत सही पाए जाने के बाद विभाग ने एक साथ कई स्तरों पर कार्रवाई की है।
इससे यह संकेत गया है कि मध्याह्न भोजन योजना में लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जवाबदेह बनाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा- बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को मिलने वाले भोजन में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन मिले। लापरवाही के मामलों में कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।











