बिहार में मिलावटखोरों पर लगेगी लगाम, 17 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात

17 आयुष चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण के बाद विभिन्न जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।

इनकी प्रतिनियुक्ति के बाद उन जिलों मेंं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट पर नियंत्रण की संभावना बढ़ गई है, जहां अभी तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं थे।

विशेष रूप से प्रशिक्षित करने के बाद उन्हें यह दायित्व दिया गया है और प्रतिनियुक्ति में मूल नियुक्ति वाले जिला के पड़ोसी जिला को वरीयता दी गई है।

इन अधिकारियों को हैदराबाद और पुणे में 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें खाद्य सुरक्षा से संबंधित मानक और जांच की प्रक्रिया पर विशेष फोकस रहा है।

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से रिक्त पड़े पदों के करण कई जिलों में खाद्य दुकानों की नियमित जांच नहीं हो पा रही थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आयुष चिकित्सकों को यह दायित्व सौंपने का निर्णय लिया।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

विभाग का कहना है कि नए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, क्योंंकि अब नियमित रूप से जांच होगी।

ये अधिकारी खाद्य सुरक्षा आयुक्त के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेंगे और उन्हें वेतन मूल पद-स्थापन वाले जिले से ही मिलता रहेगा।

विभाग का निर्देश है कि पदभार ग्रहण करने से पहले सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी यह घोषणा करेंगे कि उनका किसी भी खाद्य पदार्थ के उत्पादन, आयात या बिक्री से वे प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़े हैं और इससे उनका कोई वित्तीय हित नहीं जुड़ा है। इसका उद्देश्य कार्रवाई में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है।

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